Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
नाक का मांस बढ़ना - Naak Ka Mass Badhna Ka Ilaj in Hindi
हमारे नाक का ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° हिसà¥à¤¸à¤¾ मांस का ही बना होता है. नाक के मांस की मांसपेशियाठथोड़ी सखà¥à¤¤ होती हैं ताकि नाक को à¤à¤• निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ आकार दिया जा सके. आमतौर पर तो नाक बंद रहने के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन हमेशा à¤à¤• या दोनों तरफ की नाक बंद रहने की वजह नाक के अंदर पोलिपà¥à¤¸ का बनना à¤à¥€ हो सकता हैं. कà¥à¤¯à¤¾ है नेजल पोलिप नाक और साइनस की शà¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤®à¤¾ फूलकर रसौली की तरह बन जाती है जिसमें दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ बढ़ने पर यह फूलने लगती है. à¤à¤¸à¤¾ नाक के à¤à¤• या दोनों तरफ हो सकता है, मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤: पोलिप दो पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं.
à¤à¤‚टà¥à¤°à¥‹à¤•ोनल नाक के पास चेहरे की हडà¥à¤¡à¥€ में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ मेकà¥à¤¸à¥€à¤²à¤°à¥€ साइनस से उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होकर यह रसौली नाक में आती है. यह आगे या पीछे दोनों तरफ बढ़ सकती है जिससे उस तरफ की नाक बंद रहने लगती है. बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ व यà¥à¤µà¤¾à¤“ं में यह à¤à¤• तरफ ही होती है. à¤à¤¥à¤®à¥‹à¤‡à¤¡à¤² नाक के अंदर आंख के पास सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ à¤à¤¥à¤®à¥‹à¤‡à¤¡ साइनस से उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होकर अनà¥à¤¯ साइनस में à¤à¥€ पनप सकते हैं जैसे कि नाक के ऊपर सिर में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ फà¥à¤°à¤‚टल साइनस, नाक के अंदरूनी à¤à¤¾à¤— में दिमाग से सटा सà¥à¤«à¥‡à¤¨à¥‹à¤‡à¤¡ साइनस. ये सामानà¥à¤¯à¤¤: नाक के दोनों तरफ यà¥à¤µà¤¾ अवसà¥à¤¥à¤¾ के बाद होते हैं.
आइठइस लेख के माधà¥à¤¯à¤® से हम नाक के मांस बà¥à¤¨à¥‡ के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कारणों को समà¤à¥‡à¤‚ ताकि इस विषय की जानकारी सà¤à¥€ लोगों को हो सके.
नाक का मांस बà¥à¤¨à¥‡ के लकà¥à¤·à¤£ -
मांस और मांसपेशियों से बने नाक का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² हम शà¥à¤µà¤¸à¤¨ के साथ-साथ सूंघने के लिठà¤à¥€ करते हैं. इसलिठइसकी उचित देखà¤à¤¾à¤² आवशà¥à¤¯à¤• है. कई बार कà¥à¤› लोगों में नाक का मांस बà¥à¤¨à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है. नाक के मांस में होने वाली ये वृदà¥à¤§à¤¿ कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करती है. इसके पà¥à¤°à¤®à¥à¤– लकà¥à¤·à¤£ निंलिखित हैं-
इससे पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का नाक à¤à¤• या दोनों तरफ से बंद रह सकती है.
इन लोगों को जà¥à¤•ाम की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकती है.
नाक का मांस बà¥à¤¨à¥‡ वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के सूंघने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में कमी आ सकती है.
इस दौरान कà¥à¤› लोगों को सिरदरà¥à¤¦ की à¤à¥€ शिकायत हो सकती है.
आपको इस बीमारी में छींकें à¤à¥€ आ सकती हैं.
कई बार तो ये इतने बढ़ जाते हैं कि नाक से बाहर दिखाई देने लगते हैं. इनमें रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ व दरà¥à¤¦ नहीं होता. आंख और दिमाग की नजदीकी से कई बार सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जटिल बन जाती है. कारण इसके मà¥à¤–à¥à¤¯ कारणों में लगातार à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ का बने रहना व संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो सकते हैं.अनà¥à¤¯ वजहों में शà¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤®à¤¾ का असामानà¥à¤¯ होना और उसका संवेदनशील हो जाना शामिल है.
कैसे होती हैं इसकी जांच और इलाज -
साइनस की माइकà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोप से जांच कर इनको सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ पर देखा जाता है. सीटी सà¥à¤•ैन से इनकी वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿, साइज और महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤šà¤° से संबंध पता लगाया जाता है. वैसे तो कैंसर का जोखिम नहीं होता है लेकिन खतरे होने पर बायोपà¥à¤¸à¥€ चेकअप की जाती है. इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ और à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ को दवाओं से नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया जाता है. नेजल सà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡ और ओरल सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤¯à¤¡à¥à¤¸ दवाओं से कà¥à¤› हद तक सिकà¥à¤¡à¤¼ जाते हैं. लेकिन जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामलों में माइकà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोप से फंकà¥à¤¶à¤¨à¤² à¤à¤‚डोसà¥à¤•ॉपिक साइनस सरà¥à¤œà¤°à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हटाकर ठीक किया जाता है. सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद à¤à¥€ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• पोलिप दोबारा पनप सकते हैं. ऎसे में à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ पर नियंतà¥à¤°à¤£ रखना जरूरी हो जाता है.
| --------------------------- | --------------------------- |